Jantar Mantar Protest : नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर चल रहे शिक्षा सुधार आंदोलन ने एक नया मोड़ ले लिया है। सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा अस्पताल ले जाए जाने के बाद अब Cockroach Janta Party (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने खुद अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि आंदोलन किसी एक व्यक्ति पर नहीं रुकेगा और 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च हर हाल में निकाला जाएगा।
अभिजीत दिपके ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनका अनशन आज से शुरू हो रहा है। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे पीछे न हटें और आंदोलन को पहले से ज्यादा मजबूत बनाएं। उनका कहना था कि अगर किसी को लगता है कि सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाकर विरोध खत्म किया जा सकता है, तो यह बड़ी भूल है। आंदोलन पहले भी जारी था और आगे भी जारी रहेगा।
उन्होंने कहा, “20 जुलाई का हमारा मार्च तय कार्यक्रम के अनुसार होगा और मेरा अनशन भी चलता रहेगा। सरकार को यह समझना होगा कि यह केवल एक व्यक्ति की लड़ाई नहीं, बल्कि लाखों छात्रों और युवाओं की आवाज़ है।”
दरअसल, सोनम वांगचुक पिछले करीब 20 दिनों से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे थे। उनकी मांगों में परीक्षा व्यवस्था में सुधार, कथित पेपर लीक मामलों पर जवाबदेही तय करना और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव शामिल हैं। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने मेडिकल सलाह और अदालत के निर्देशों का हवाला देते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया।

वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों में नाराज़गी देखने को मिली। कई प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण धरने को खत्म करने की कोशिश की गई। वहीं पुलिस का कहना है कि कार्रवाई केवल स्वास्थ्य कारणों और कानून के दायरे में की गई।
प्रदर्शन को दबाने की कोशिश की जा रही है: अभिजीत दिपके Jantar Mantar Protest
अभिजीत दिपके ने दावा किया कि प्रदर्शन को दबाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन इससे आंदोलन कमजोर नहीं होगा। उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचने और 20 जुलाई के संसद मार्च में शामिल होने की अपील की।Jantar Mantar Protest

इस पूरे घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। एक वर्ग आंदोलन के समर्थन में खुलकर सामने आ रहा है, जबकि दूसरा वर्ग कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्रवाई को सही ठहरा रहा है। राजनीतिक दलों की ओर से भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है, खासकर अगर 20 जुलाई का प्रस्तावित मार्च बड़े स्तर पर आयोजित होता है। फिलहाल सभी की नजरें दिल्ली पुलिस, केंद्र सरकार और आंदोलनकारियों की अगली रणनीति पर टिकी हुई हैं।Jantar Mantar Protest

